[1] अऊ ओह मोर ले कहिस, “हे मनखे के बेटा, तोर आघू म जऊन कुछू हवय, ओला खा ले; याने कि ये किताब ला खा, तब जाके इसरायल के मनखेमन ले गोठिया।”
[2] एकरसेति मेंह मुहूं खोलेंव, अऊ ओह ओ किताब ला मोला खाय बर दीस।
[3] तब ओह मोर ले कहिस, “हे मनखे के बेटा, ये किताब, जेला मेंह तोला देवत हंव, येला खा अऊ येकर से अपन पेट भर ले।” त मेंह ओला खा लेंव, अऊ ओह मोर मुहूं म मंधरस सहीं मीठ लगिस।
[4] तब ओह मोर ले कहिस: “हे मनखे के बेटा, अब तें इसरायल के मनखेमन करा जाके ओमन ला मोर बात सुना।
[5] तोला कोनो कठिन बोली या अनजान भासा वाले मनखेमन करा भेजे नइं जावत हे, पर तोला इसरायल के मनखेमन करा पठोय जावत हे—
[6] कठिन बोली या अनजान भासा वाले बहुंते मनखेमन करा नइं, जेमन के गोठ ला तें नइं समझ सकस। खचित यदि मेंह तोला ओमन करा पठोय रहितेंव, त ओमन तोर बात ला सुनतिन।
[7] पर इसरायल के मनखेमन तोर बात ला सुने नइं चाहत हें, काबरकि ओमन मोर बात ला सुने नइं चाहत हें; जम्मो इसरायलीमन अपन मन ला कठोर कर ले हवंय अऊ जिद्दी हो गे हवंय।
[8] पर मेंह तोला ओमन सहीं न झुकनेवाला अऊ कठोर बना दूहूं।
[9] मेंह तोर माथा ला सबले कठोर पथरा सहीं कर दूहूं, चकमक पथरा ले घलो कठोर। ओमन ले झन डरबे या ओमन ले भयभीत झन होबे, हालाकि ओमन बिदरोही मनखे अंय।”
[10] अऊ ओह मोर ले कहिस, “हे मनखे के बेटा, धियान देके सुन अऊ जऊन बात मेंह तोर ले कहत हंव, ओ जम्मो ला अपन हिरदय म धर।
[11] अब बंधुवई म गय अपन ओ मनखेमन करा जाके ओमन ले बातचीत कर। ओमन ले कह, ‘परमपरधान यहोवा ह ये कहत हे,’ चाहे ओमन सुनंय या झन सुनंय।”
[12] तब आतमा ह मोला ऊपर उठाईस, अऊ मेंह अपन पाछू बड़े घरघराहट के अवाज सुनेंव, जब यहोवा के तेज ह ओ जगह ले उठिस, जिहां ओह रिहिस।
[13] येह जीवधारीमन के ओ डेनामन के अवाज रिहिस, जेमन एक-दूसर ले रगड़ात रिहिन, अऊ येह ओमन के बाजू के पहियामन के अवाज रिहिस, एक बड़े घरघराहट के अवाज।
[14] आतमा ह तब मोला उठाके दूरिहा ले गीस, अऊ मोर मन ह करू हो गे अऊ मेंह कोरोध ले भर गेंव, अऊ यहोवा के मजबूत हांथ ह मोर ऊपर रिहिस।
[15] मेंह ओ बंधुवा मनखेमन करा आयेंव, जेमन कबार नदी के लकठा म तेल-अबीब म रहत रिहिन। अऊ उहां, जिहां ओमन रहत रिहिन, मेंह सात दिन तक ओमन के बीच म दुखी होके बईठे रहेंव।
[16] सात दिन के आखिरी म यहोवा के ये बचन मोर मेर आईस:
[17] “हे मनखे के बेटा, मेंह तोला इसरायल के मनखेमन बर एक पहरेदार ठहिराय हंव; एकरसेति जऊन बात मेंह कहत हंव, ओला सुन अऊ ओमन ला मोर कोति ले चेता दे।
[18] जब मेंह एक दुस्ट मनखे ला कहिथंव, ‘तेंह जरूर मरबे,’ अऊ यदि तें ओकर जिनगी बचाय बर ओकर दुस्ट चालचलन ला बदले बर नइं चेतावस या नइं कहस, त ओ दुस्ट मनखे ह अपन पाप के कारन मरही, अऊ मेंह तोला ओकर खून बर जिम्मेदार ठहिराहूं।
[19] पर यदि तेंह दुस्ट मनखे ला चेताथस अऊ ओह अपन दुस्टता ला या अपन बुरई के काम ला नइं छोंड़य, त ओह अपन पाप के कारन मरही; पर तें अपनआप ला बचा लेबे।
[20] “जब कोनो धरमी जन अपन धरमीपन ले फिरके दुस्ट काम करथे, अऊ मेंह ओकर आघू म ठोकर खाय के चीज धर देथंव, त ओह मरही, काबरकि तेंह ओला नइं चेताय, एकरसेति ओह अपन पाप म मरही। अऊ जऊन धरमी काम ओह करे होही, ओला सुरता नइं करे जावय, अऊ मेंह तोला ओकर खून बर जिम्मेदार ठहिराहूं।
[21] पर यदि तें धरमी जन ला पाप नइं करे बर चेताथस अऊ ओह पाप नइं करय, त ओह जरूर जीयत रहिही, काबरकि ओह चेतउनी ऊपर धियान दीस, अऊ तें अपनआप ला बचा लेबे।”
[22] यहोवा के हांथ ह उहां मोर ऊपर रिहिस, अऊ ओह मोर ले कहिस, “उठ अऊ मैदान म जा, अऊ उहां मेंह तोर ले गोठियाहूं।”
[23] तब मेंह उठके मैदान म गेंव, अऊ मेंह देखेंव कि यहोवा के तेज ह उहां रिहिस, ये तेज ह वइसने ही रिहिस, जइसने मेंह कबार नदी के तीर म देखे रहेंव, अऊ मेंह मुहूं के बल गिर पड़ेंव।
[24] तब आतमा ह मोर म हमाईस अऊ मोला मोर गोड़मन म ठाढ़ कर दीस। ओह मोर ले गोठियाईस अऊ कहिस: “जा, अपनआप ला अपन घर के भीतरी बंद कर ले।
[25] अऊ हे मनखे के बेटा, ओमन तोला रस्सी म बांध दीहीं; तोला बांध दिये जाही, जेकर कारन तेंह निकलके मनखेमन के बीच म नइं जा सकबे।
[26] मेंह तोर जीभ ला तोर मुहूं के तालू ले चपका दूहूं; जेकर ले तेंह चुपेचाप रहिबे अऊ ओमन ला डांट नइं सकबे, काबरकि ओमन बिदरोही मनखे अंय।
[27] पर जब मेंह तोर ले गोठियाहूं, तब मेंह तोर मुहूं ला खोल दूहूं अऊ तें ओमन ला कहिबे, ‘परमपरधान यहोवा ह ये कहत हे।’ जऊन ह सुने चाहथे, ओह सुनय, अऊ जऊन ह नइं सुने चाहय, ओह झन सुनय; काबरकि ओमन बिदरोही मनखे अंय।