Skip to content
Opens in a new window
Listen to this chapter • 2:50

[1] हाय तुमन ऊपर, जेमन सियोन म संतुस्ट हवव, हाय तुमन ऊपर, जेमन सामरिया नगर के पहाड़ म अपनआप ला सुरकछित मानथव, तुमन, जेमन सबले उत्तम देस के नामी आदमी अव, जेमन करा इसरायल के मनखेमन आथें!

[2] कलने नगर जाके ओला देखव; उहां ले हमात नांव के बड़े सहर म जावव, अऊ तब खाल्हे पलिस्ती के गत नांव के सहर म जावव। का येमन तुम्हर दूनों राजमन ले जादा बढ़िया हवंय? का तुम्हर देस ले ओमन के देस ह बड़खा हवय?

[3] तुमन संकट के दिन ला दूरिहा कर देथव, अऊ आतंक के राज ला लकठा म ले आथव।

[4] तुमन हाथी-दांत ले सजे पलंग ऊपर लेटथव अऊ अपन सोफा म अराम करथव। तुमन मनपसंद भेड़ अऊ चरबीदार बछवामन ला खाथव।

[5] तुमन दाऊद सहीं अपन बीना ला बजाथव अऊ बाजामन ला तुरते बजाथव।

[6] तुमन कटोरा भरके अंगूर के मंद पीथव अऊ सबले बढ़िया तेल ला देहें म चुपरथव, पर तुमन यूसुफ के बरबादी बर दुखी नइं होवव।

[7] एकरसेति तुमन सबले पहिली बंधुवई म जाहू; तुम्हर भोज खवई अऊ मऊज करई ह बंद हो जाही।

[8] परमपरधान यहोवा ह अपनेच कसम खाय हवय—यहोवा सर्वसक्तिमान परमेसर ह घोसना करत हे: “मेंह याकूब के घमंड ले घिन करथंव अऊ ओकर किलामन ले घलो घिन करथंव; मेंह सहर अऊ ओमा के जम्मो चीज ला बईरी के हांथ म कर दूहूं।”

[9] कहूं एक घर म दस मनखे घलो बांचे रहिहीं, त ओमन घलो मर जाहीं।

[10] कहूं कोनो रिस्तेदार ह ओमन के देहें ला जराय खातिर घर ले बाहिर ले जाय बर आथे अऊ उहां कोनो लुकाय मनखे ले पुछथे, “इहां तोर संग म कोनो अऊ हवंय?” अऊ ओह कहिथे, “नइं,” तब ओह ये कहिही, “चुपे रह! हमन ला यहोवा के नांव नइं लेना हवय।”

[11] काबरकि यहोवा ह हुकूम देय हवय, अऊ ओह बड़े घर ला फोरके कुटा-कुटा अऊ छोटे घर ला चूर-चूर कर दीही।

[12] का घोड़ामन ठाढ़ चट्टान म दऊड़थें? का कोनो मनखे बईलामन ले समुंदर म नांगर जोतथे? पर तुमन नियाय ला जहर म अऊ धरमीपन के फर ला करूवाहट म बदल दे हवव—

[13] तुमन, जेमन लो-देबार ला अपन बस म करके आनंदित होथव अऊ कहिथव, “हमन का अपन बल म करनेम ला नइं जीत ले हन?”

[14] काबरकि यहोवा सर्वसक्तिमान परमेसर ह घोसना करत हे, “हे इसरायल, मेंह तोर बिरूध म एक जाति ला भड़काहूं, जऊन ह तुम्हर ऊपर लेबो-हमात ले लेके अराबा के घाटी तक अतियाचार करही।”

आमोस — Chapters