Skip to content
Opens in a new window
Listen to this chapter • 4:52

[1] सुलेमान ह यहोवा के नांव बर एक मंदिर अऊ अपन बर एक राजमहल बनाय के हुकूम दीस।

[2] ओह 70,000 मनखेमन ला बोझा ढोये बर अऊ 80,000 मनखे ला पहाड़ी ले पथरा काटे बर अऊ 3,600 मनखे ला येमन ऊपर देखरेख करे बर ठहिराईस।

[3] सुलेमान ह सूर के राजा हीराम ला ये संदेस भेजिस: “तेंह मोर ददा दाऊद ला ओकर रहे के महल बनाय बर देवदार के लकड़ी पठोय रहय, त मोर बर घलो अइसने ही देवदार के लकड़ी पठो।

[4] अब मेंह यहोवा मोर परमेसर के नांव बर एक मंदिर बनानेवाला हंव अऊ ओला समरपित करहूं, ताकि ओकर आघू म खुसबू देवइया धूप जलाय जावय, हमेसा पबितर रोटी रखे जावय, अऊ हर बिहनियां अऊ संझा के अऊ बिसराम दिन म, नवां चंदा अऊ यहोवा हमर परमेसर दुवारा ठहिराय गे तिहार म होम-बलिदान चघाय जावय। येह इसरायल बर हमेसा के एक बिधि अय।

[5] “जऊन मंदिर मेंह बनानेवाला हंव, ओह अब्बड़ महान होही, काबरकि हमर परमेसर ह आने जम्मो देवता ले महान अय।

[6] पर अइसन कोन हे, जऊन ह ओकर बर एक मंदिर बनवा सकथे, काबरकि स्वरगमन, अऊ त अऊ सबले ऊंच स्वरगमन घलो ओला धारन नइं कर सकंय? त मेंह कोन अंव, कि ओकर आघू म बलिदान के एक जगह ला छोंड़ ओकर बर एक मंदिर बनवावंव?

[7] “एकरसेति मोर करा एक आदमी भेज, जऊन ह सोन अऊ चांदी, कांसा अऊ लोहा, अऊ बैंगनी, लाल अऊ नीला सूंत म काम करे के कुसल कारीगर होवय, अऊ नक्कासी के कला म अनुभवी होवय, अऊ जऊन ह मोर ओ कुसल कारीगरमन संग यहूदा अऊ यरूसलेम म काम कर सकय, जेमन ला मोर ददा दाऊद ह ठहिराय हवय।

[8] “मोर करा लबानोन ले देवदार, सनोवर अऊ चंदन के लकड़ी घलो भेज, काबरकि मोला मालूम हवय कि तोर सेवकमन उहां लकड़ी काटे म माहिर अंय। मोर सेवकमन तोर सेवकमन संग बुता करहीं

[9] जेकर ले मोला अब्बड़ अकन लकड़ी मिल जाही, काबरकि जऊन मंदिर मेंह बनवावत हंव, ओह बहुंत बड़े अऊ सानदार होना चाही।

[10] तोर जऊन सेवकमन लकड़ी काटहीं, मेंह ओमन ला बीस हजार कोर्स गहूं, बीस हजार कोर्स जौ, बीस हजार बत अंगूर के मंद अऊ बीस हजार बत जैतून तेल दूहूं।”

[11] तब सूर के राजा हीराम ह सुलेमान ला चिट्ठी लिखके जबाब दीस: “काबरकि यहोवा ह अपन मनखेमन ले मया करथे, एकरसेति ओह तोला ओमन के राजा बनाय हवय।”

[12] अऊ हीराम ह ओमा ये घलो जोड़िस: “यहोवा, इसरायल के परमेसर के परसंसा होवय, जेह अकास अऊ धरती ला बनाईस! ओह राजा दाऊद ला एक बुद्धिमान बेटा देय हवय, जऊन ह बुद्धि अऊ सूझ-बूझ ले भरे हवय, जऊन ह यहोवा बर एक मंदिर अऊ अपन बर एक राजमहल बनवाही।

[13] “मेंह तोर मेर हूराम-अबी ला भेजत हवंव, जऊन ह एक बढ़िया कारीगर अय,

[14] जेकर दाई ह दान के गोत्र अऊ ददा ह सूर देस के रिहिस। ओह सोन अऊ चांदी, कांसा अऊ लोहा, पथरा अऊ लकड़ी, अऊ बैंगनी अऊ नीला अऊ लाल रंग के सूंत अऊ सुघर मलमल म काम करे बर सिखोय गे मनखे अय। ओह जम्मो किसम के नक्कासी के काम म अनुभवी अय अऊ ओला दिये गय कोनो भी बनावट ला ओह तियार कर सकथे। ओह तोर अऊ तोर ददा, मोर मालिक दाऊद के कुसल कारीगरमन संग बुता करही।

[15] “अब मोर मालिक ह अपन वायदा के मुताबिक अपन सेवकमन ला गहूं अऊ जौ अऊ जैतून तेल अऊ अंगूर के मंद भेज देवय,

[16] अऊ हमन लबानोन ले ओ जम्मो लकरी ला काट लेबो, जेकर तोला जरूरत हवय अऊ ओला बेड़ा म समुंदरी रसता ले यापा भेज देबो। तब तेंह ओमन ला यरूसलेम ले जा सकत हस।”

[17] सुलेमान ह इसरायल म रहइया जम्मो परदेसीमन के गनती करवाईस, ये गनती ओकर ददा दाऊद के गनती के पाछू करे गीस; अऊ ओमन 1,53,600 रिहिन।

[18] ओह ओमा ले 70,000 मनखे ला बोझा ढोवइया अऊ 80,000 मनखे ला पहाड़ीमन म पथरा काटे बर, अऊ संग म 3,600 मनखे ला बुता करइयामन ऊपर देखरेख करे बर ठहिराईस।

2 इतिहास — Chapters