[1] जब समूएल ह डोकरा हो गीस, त ओह अपन बेटामन ला इसरायलीमन के अगुवा ठहिराईस।
[2] ओकर बड़े बेटा के नांव योएल अऊ दूसर बेटा के नांव अबियाह रिहिस, अऊ ओमन बेरसेबा नगर म सेवा करत रिहिन।
[3] पर ओकर बेटामन ओकर रद्दा म नइं चलिन। ओमन बेईमानी करके फायदा उठाईन अऊ घूस लेवत रिहिन अऊ नियाय ला बिगाड़त रिहिन।
[4] एकरसेति इसरायलीमन के जम्मो अगुवामन एक संग जूरिन अऊ रामा नगर म समूएल करा आईन,
[5] अऊ ओमन ओला कहिन, “सुन, तेंह तो अब डोकरा हो गे हस, अऊ तोर बेटामन तोर रद्दा म नइं चलत हें; अब हमर अगुवई करे बर एक राजा ठहिरा, जइसने कि जम्मो दूसर जातिमन के राजा हवंय।”
[6] पर जब ओमन ये कहिन, “हमर अगुवई करे बर हमन ला एक राजा दे,” त ये बात ह समूएल ला खराप लगिस; एकरसेति ओह यहोवा ले पराथना करिस।
[7] अऊ यहोवा ह ओला कहिस, “मनखेमन जऊन कुछू तोला कहत हवंय, ओ जम्मो बात ला सुन; येह तें नो हस, जऊन ला ओमन अस्वीकार करे हवंय, पर ओमन मोला अपन राजा के रूप म अस्वीकार करे हवंय।
[8] जइसने काम ओमन ओ दिन ले करत आय हवंय, जब मेंह ओमन ला मिसर देस ले निकाल लानेंव, ओमन आज घलो वइसने काम करत हें; मोला तियागके आने देवतामन के सेवा करत हवंय; वइसने ओमन तोर संग घलो करत हवंय।
[9] एकरसेति अब ओमन के बात ला सुन; पर ओमन ला बने करके चेता दे अऊ ओमन ला बता दे कि जऊन राजा ह ओमन ऊपर राज करही, ओकर बेवहार कइसने होही।”
[10] समूएल ह यहोवा के जम्मो बात ओ मनखेमन ला बता दीस, जऊन मन ओकर ले एक राजा के मांग करत रिहिन।
[11] ओह कहिस, “जऊन राजा ह तुम्हर ऊपर राज करही, ओकर बेवहार अइसने होही: ओह तुम्हर बेटामन ला लीही अऊ ओमन ला अपन रथ अऊ घोड़ामन के काम म लगाही, अऊ ओमन ओकर रथमन के आघू-आघू दऊड़हीं।
[12] कुछू झन ला ओह हजार-हजार अऊ कुछू झन ला पचास-पचास के ऊपर सेनापति ठहिराही, अऊ कतको ले ओह अपन नांगर जोतवाही, अऊ अपन फसल कटवाही, अऊ कतको ले ओह लड़ई के हथियार अऊ रथमन के साजो-सामान बनवाही।
[13] ओह तुम्हर बेटीमन ला लेके ओमन ले खुसबूवाला इतर अऊ जेवन अऊ रोटी बनवाही।
[14] ओह तुम्हर सबले बने खेत अऊ अंगूर अऊ जैतून के बारीमन ला लेके अपन सेवकमन ला दे दीही।
[15] ओह तुम्हर अनाज अऊ अंगूर के फर के दसवां भाग ला लेके अपन अधिकारी अऊ सेवकमन ला दे दीही।
[16] तुम्हर सेवक-सेविकामन ला, अऊ तुम्हर सबले बने पसु अऊ गदहामन ला लेके अपन उपयोग म लानही।
[17] ओह तुम्हर भेड़-बकरीमन के दसवां भाग ला ले लीही, अऊ तुमन खुद ओकर गुलाम बन जाहू।
[18] जब ओ दिन आही, त तुमन अपन ओ चुने हुए राजा ले छुटकारा पाय बर गोहारहू, पर यहोवा ह ओ दिन तुम्हर बात नइं सुनही।”
[19] पर ओ मनखेमन समूएल के बात ला नइं सुनिन। ओमन कहिन, “नइं! हमन अपन बर एक राजा चाहत हन।
[20] तब जम्मो दूसर देसमन सहीं हमर करा घलो हमर अगुवई करे बर एक राजा होही, जऊन ह आघू-आघू जाही अऊ हमर लड़ई लड़ही।”
[21] जब समूएल ह ओ मनखेमन के कहे जम्मो बात ला सुनिस, त ओह ओ बात ला यहोवा के आघू म बताईस।
[22] यहोवा ह समूएल ला कहिस, “ओमन के बात ला मानके ओमन बर एक राजा ठहिरा दे।” तब समूएल ह इसरायलीमन ला कहिस, “तुमन जम्मो झन अपन-अपन नगर म वापिस जावव।”