[1] कुछू समय के बाद, नाबोत नांव के एक यिजरेली के एक अंगूर के बारी के संबंध म एक घटना होईस। ओ अंगूर के बारी ह यिजरेल म सामरिया के राजा अहाब के महल के लकठा म रहय।
[2] अहाब ह नाबोत ला कहिस, “तोर अंगूर के बारी ह मोर महल के लकठा म हवय, त तें ओला मोला देय दे कि मेंह ओकर उपयोग साग-भाजी के बारी के रूप म करंव। ओकर बदले म, मेंह तोला ओकर ले जादा बने एक अंगूर के बारी दूहूं या यदि तें चाहबे, त जो भी ओकर कीमत होही, मेंह तोला ओकर दाम चुका दूहूं।”
[3] पर नाबोत ह जबाब दीस, “यहोवा ह झन करय कि मेंह अपन पुरखामन के संपत्ति ला देवंव।”
[4] यिजरेली नाबोत के ये बात के कारन कि मेंह अपन पुरखामन के संपत्ति तोला नइं देवंव, अहाब ह उदास अऊ नराज होके अपन घर चल दीस, अऊ उदास मन से अपन बिस्तर म लेट गीस अऊ जेवन करे बर मना कर दीस।
[5] तब ओकर घरवाली ईजेबेल ह ओकर करा आके पुछिस, “तेंह काबर अतेक उदास हवस? तेंह काबर नइं खावत हस?”
[6] राजा ह ओला कहिस, “कारन ये अय कि मेंह यिजरेली नाबोत ला कहेंव, ‘तोर अंगूर के बारी ला मोर करा बेच दे; या यदि तें चाहबे, त मेंह तोला ओकर बदले म एक आने अंगूर के बारी दूहूं।’ पर ओह कहिस, ‘मेंह अपन अंगूर के बारी तोला नइं दंव।’ ”
[7] राजा के घरवाली ईजेबेल ह कहिस, “का तेंह इसरायल ऊपर राज करथस कि नइं? उठ अऊ खाना खा! खुसी मना। यिजरेली नाबोत के अंगूर के बारी मेंह तोला देवाहूं।”
[8] तब ईजेबेल ह अहाब के नांव ले चिट्ठी लिखके ओमा ओकर मुहर लगाईस, अऊ चिट्ठीमन ला ओ अगुवा अऊ परभावसाली मनखेमन करा पठोईस, जऊन मन ओही सहर म नाबोत के संग रहत रिहिन।
[9] ओ चिट्ठीमन म, ओह ये लिखे रहय: “एक दिन के उपास रखे के घोसना करव अऊ नाबोत ला मनखेमन के बीच एक खास जगह म बईठावव।
[10] पर दू झन दुस्ट मनखे ला ओकर आघू म बईठावव, जऊन मन नाबोत ऊपर ये दोस लगावंय कि ओह परमेसर अऊ राजा दूनों के निन्दा करे हवय। तब ओला बाहिर ले जावव अऊ पथरवाह करके ओला मार डारव।”
[11] ईजेबेल ह नाबोत के सहर म रहइया अगुवा अऊ परभावसाली मनखेमन ला चिट्ठी म लिखके जइसने हुकूम दे रिहिस, ओमन वइसने ही करिन।
[12] ओमन उपास रखे के घोसना करिन अऊ नाबोत ला मनखेमन के बीच एक खास जगह म बईठाईन।
[13] तब दू झन दुस्ट मनखे आके ओकर आघू म बईठ गीन अऊ ओमन ये कहिके मनखेमन के आघू म नाबोत ऊपर दोस लगाईन, “नाबोत ह परमेसर अऊ राजा दूनों के निन्दा करे हवय।” एकरे कारन, ओमन ओला सहर के बाहिर ले गीन अऊ पथरवाह करके ओला मार डारिन।
[14] तब ओमन ईजेबेल करा ये खबर पठोईन: “नाबोत ला पथरवाह करके मार डारे गे हवय।”
[15] जइसने ही ईजेबेल ह ये सुनिस कि नाबोत ला पथरवाह करके मार डारे गे हवय, त ओह अहाब ले कहिस, “उठ अऊ यिजरेली नाबोत के ओ अंगूर के बारी ला अपन कब्जा म लेय ले, जेला ओह तोला बेचे बर इनकार करे रिहिस। नाबोत ह अब जीयत नइं ए, पर ओह मर गे हवय।”
[16] जब अहाब ह सुनिस कि नाबोत ह मर गे हवय, त ओह उठिस अऊ नाबोत के अंगूर के बारी ला अपन कब्जा म लेय बर खाल्हे गीस।
[17] तब यहोवा के ये बचन तिसबी एलियाह करा आईस:
[18] “इसरायल के राजा अहाब करा मिले बर खाल्हे जा, जऊन ह सामरिया म राज करथे। ओह अभी नाबोत के अंगूर के बारी म हवय, अऊ ओह ओला अपन कब्जा म लेय बर उहां गे हवय।
[19] ओला ये कह, ‘यहोवा ह ये कहत हे: का तेंह एक मनखे के हतिया करके ओकर संपत्ति ला कब्जा नइं कर ले हस?’ फेर ओला ये घलो कह, ‘यहोवा ह ये कहत हे: जऊन जगह म कुकुरमन नाबोत के लहू ला चाटिन, ओही जगह म कुकुरमन तोर लहू ला घलो चाटहीं—हव, तोर लहू!’ ”
[20] एलियाह ला देखके अहाब ह कहिस, “हे मोर बईरी! तेंह मोला खोज लेय!” एलियाह ह जबाब दीस, “हव, मेंह तोला खोज लेंव, काबरकि यहोवा के नजर म दुस्ट काम करे बर तेंह अपनआप ला बेच दे हवस।
[21] परमेसर ह कहत हे, ‘मेंह तोर ऊपर बिपत्ति लानेवाला हंव। मेंह तोर संतानमन के नामोनिसान मिटा दूहूं अऊ इसरायल म अहाब के घर के एक-एक छोकरा अऊ पुरूस ला नास कर दूहूं—चाहे ओह गुलाम हो या सुतंतर मनखे।
[22] मेंह तोर घराना ला नबात के बेटा यरोबाम, अऊ अहियाह के बेटा बासा के सहीं कर दूहूं, काबरकि तेंह मोर गुस्सा ला भड़काय हस अऊ इसरायल ले पाप करवाय हस।’
[23] “अऊ ईजेबेल के बारे म घलो यहोवा ह कहत हे: ‘यिजरेल के दीवार के भीतर, कुकुरमन ईजेबेल ला खा डारहीं।’
[24] “अहाब के जऊन मनखेमन सहर म मरहीं, ओमन ला कुकुरमन खा डारहीं, अऊ जऊन मन मैदान म मरहीं, ओमन ला अकास के चिरईमन खा जाहीं।”
[25] (अहाब के सहीं अऊ कोनो नइं रिहिस, जऊन ह अपन घरवाली ईजेबेल के उकसाय म आके, यहोवा के नजर म दुस्ट काम करे बर अपनआप ला बेच दीस।
[26] ओह मूरतीमन के पाछू जाके सबले जादा नीच काम करिस, जइसने कि ओ अमोरीमन करे रिहिन, जेमन ला यहोवा ह इसरायलीमन के आघू ले निकाल दे रिहिस।)
[27] जब अहाब ह ये बात ला सुनिस, त ओह अपन ओनहा ला चीरिस, अऊ टाट के कपड़ा पहिरके उपास करिस। ओह टाट के कपड़ा म सोये लगिस अऊ नम्र मन से एती-ओती जाय लगिस।
[28] तब यहोवा के ये बचन तिसबी एलियाह करा आईस:
[29] “का तेंह धियान दे हवस कि अहाब ह कइसे मोर आघू म नम्र बन गे हवय? काबरकि ओह अपनआप ला नम्र कर ले हवय, एकरसेति मेंह ये बिपत्ति ला ओकर जीयत भर नइं लानंव, पर मेंह येला ओकर बेटा के दिन म ओकर घराना ऊपर लानहूं।”