[1] इसलिये मैं, पौलॉस, तुम गैर-यहूदियों के लिए मसीह येशु का बंदी हूं.
[2] निश्चित ही तुमने परमेश्वर के अनुग्रह के उस प्रबंधन के विषय में सुना है, जो मुझे तुम्हारे लिए प्रदान किया गया,
[3] अर्थात वह भेद, जो मुझ पर प्रकाशन के द्वारा प्रकट किया गया, जिसका संक्षेप में वर्णन मैं पहले कर चुका हूं.
[4] इसे पढ़ते हुए तुम मसीह के भेद के विषय में मेरे विवेक को समझ सकते हो,
[5] जो मानव जाति पर अन्य पीढ़ियों में इस प्रकार प्रकट नहीं किया गया था, जिस प्रकार अब प्रभु के पवित्र प्रेरितों तथा भविष्यद्वक्ताओं पर पवित्रात्मा में प्रकट किया गया है.
[6] अब ईश्वरीय सुसमाचार के द्वारा गैर-यहूदी मसीह येशु में मीरास के साझी, एक ही शरीर के अंग और प्रतिज्ञा के सहभागी हैं.
[7] परमेश्वर के अनुग्रह के वरदान में उनकी सक्रिय सामर्थ्य के अनुसार यह ईश्वरीय सुसमाचार मुझे सौंपा गया और मैं जिसका सेवक चुना गया.
[8] मुझे, जो पवित्र लोगों में छोटे से भी छोटा हूं, गैर-यहूदियों में मसीह के अगम्य धन का प्रचार करने के लिए यह अनुग्रह प्रदान किया गया,
[9] कि सभी सृष्टि के सृजनहार परमेश्वर में युगों से गुप्त रखे गए इस भेद के प्रबंधन को सब पर प्रकट करूं.
[10] कि अब कलीसिया के द्वारा परमेश्वर का विभिन्न प्रकार का ज्ञान आकाशमंडल के प्रधानों और अधिकारियों पर प्रकट किया जाए,
[11] यह उस सनातन उद्देश्य के अनुसार हुआ, जो परमेश्वर ने मसीह येशु हमारे प्रभु में पूरा किया.
[12] जिनमें अपने विश्वास के द्वारा प्रवेश के लिए हमें साहस तथा भरोसा प्राप्त हुआ है.
[13] इसलिये तुमसे मेरी यह विनती है कि तुम उन उत्पीड़नों के कारण, जो मैं तुम्हारे लिए सह रहा हूं, निराश न हो; क्योंकि वे तुम्हारा गौरव हैं.
[14] यही कारण है कि मैं पिता के सामने घुटने टेकता हूं,
[15] जिनमें स्वर्ग और पृथ्वी के हर एक कुल का नाम रखा जाता है.
[16] कि वह अपनी अपार महिमा के अनुसार अपने पवित्रात्मा के द्वारा तुम्हारे जीवन की आत्मा को शक्ति-सम्पन्न करें,
[17] कि विश्वास के द्वारा मसीह तुम्हारे हृदय में वास करें कि प्रेम में मजबूत व स्थिर होकर,
[18] तुम सभी पवित्र मसीह के प्रेम की लंबाई, चौड़ाई, ऊंचाई व गहराई को भली-भांति समझ सको,
[19] और मसीह के उस प्रेम को जान सको, जो ज्ञान से परे है कि परमेश्वर की सारी भरपूरी तुममें स्थापित हो जाए.
[20] अब उन्हें जो हममें कार्यशील सामर्थ्य के द्वारा हमारी विनती और सोच और समझ से अपार कहीं अधिक बढ़कर करने में सक्षम हैं,
[21] हममें इस समय सक्रिय सामर्थ्य के द्वारा, कलीसिया और मसीह येशु में उनकी महिमा पीढ़ी से पीढ़ी, सदा-सर्वदा होती रहे, आमेन.