Skip to content
Opens in a new window
Listen to this chapter • 3:37

[1] उन दिनां म्ह जिब चेल्यां की गिणती घणी बधण लाग्गी, फेर यूनानी भाषा बोल्लण आळे यहूदी चेल्लें इब्रानी भाषा बोल्लण आळे यहूदी चेल्यां पै बिरड़ाण लाग्गे, के हरेक दिन पईसा अर खाणे के मामलै म्ह म्हारी बिधवायाँ की सुध कोनी ली जान्दी।

[2] फेर उन बारहां चेल्यां नै उन बिश्वासियाँ ताहीं जो यरुशलेम म्ह थे, अपणे धोरै बुलाकै कह्या, “यो ठीक कोनी के हम परमेसवर का वचन छोड़कै खिलाण-पिलाण की सेवा म्ह रह्वां।

[3] इस करकै, हे बिश्वासी भाईयो, अपणे म्ह तै सात बढ़िया नाम्मी माणसां ताहीं जो पवित्र आत्मा अर बुद्धि तै भरे हो, जिनके बारें म्ह सब नै बेरा हो, छाँट ल्यो, के हम उननै इस काम पै ला देवां।

[4] पर हम तो प्रार्थना म्ह अर वचन के प्रचार अर शिक्षा देण की सेवा म्ह लाग्गे रहवांगें।”

[5] या बात सारे टोळ नै आच्छी लाग्गी, अर उननै स्तिफनुस नामक एक माणस ताहीं जो बिश्वास अर पवित्र आत्मा तै भरया था, अर फिलिप्पुस, अर प्रुखुरुस, अर नीकानोर, अर तीमोन, अर परमिनास, अर अन्ताकियावासी नीकुलाउस ताहीं जो यहूदी पंथ म्ह आ ग्या था, छाँट लिया।

[6] इन ताहीं प्रेरितां कै स्याम्ही ल्याए अर उननै प्रार्थना करकै उनपै हाथ धरे, ताके वे उस काम नै करै।

[7] परमेसवर का वचन फैलदा गया अर यरुशलेम नगर म्ह चेल्यां की गिणती घणी बढ़दी गई, अर भोत सारे यहूदी याजक भी प्रभु यीशु के सुसमाचार पै बिश्वास करकै मानणआळे होगे।

[8] स्तिफनुस अनुग्रह अर सामर्थ तै भरया-पूरा होकै आदमियाँ म्ह बड़े-बड़े अनोक्खे काम अर चमत्कार दिखाया करै था।

[9] फेर वो आराधनालय म्ह तै जो लिबिरतिनों की कुह्वावै थी, अर कुरेनी अर सिकन्दरिया अर किलिकिया अर आसिया परदेस के आदमियाँ म्ह तै कई माणस उठकै स्तिफनुस तै बहसण लाग्गे।

[10] पर उस ज्ञान अर उस पवित्र आत्मा का जिसतै वो बात करै था, वे सामना न्ही कर सके।

[11] इसपै उननै कई आदमियाँ ताहीं उकसाया जो कहण लाग्गे, “हमनै इस ताहीं मूसा नबी अर परमेसवर कै बिरोध म्ह बुराई की बात कहन्दे होए सुण्या सै।”

[12] उननै स्तिफनुस के बिरुध्द माणसां, यहूदी अगुवां अर शास्त्रियाँ ताहीं उकसाया अर आकै उस ताहीं पकड़कै यहूदी अगुवां की सभा कै स्याम्ही ले गये।

[13] अर उननै झूठ्ठे गवाह खड़े करे, जिननै स्तिफनुस पै यो इलजाम लगाकै, कह्या, “यो माणस इस पवित्र जगहां अर मूसा के नियम-कायदे कै बिरोध म्ह बुराई करणा न्ही छोड़दा।

[14] क्यूँके हमनै उस ताहीं न्यू कहन्दे सुण्या सै के योए यीशु नासरी इस मन्दर नै गेर देवैगा, अर उन रिवाज्जां नै बदल देवैगा जो मूसा नबी नै म्हारै ताहीं सौंपी सै।”

[15] फेर सारे आदमियाँ नै जो यहूदी अगुवां की सभा म्ह बेठ्ठे थे, उसपै निगांह गड़ाई तो उसका मुँह सुर्गदूत जिसा दिख्या।

प्रेरितां के काम का वर्णन — Chapters