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[1] इस करकै, हे बिश्वासी भाईयो, म्हारै खात्तर प्रार्थना करया करो के प्रभु के बारें म्ह सन्देस भोत तावळा दुसरी जगहां म्ह भी सुणाया जा सकै, अर लोग उसपै बिश्वास करैगें जिसा थम बिश्वास करो सों।

[2] या भी प्रार्थना करया करो के परमेसवर हमनै बैरी अर बुरे माणसां के जरिये दिए जाण आळे नुकसान तै भी बचावै, क्यूँके भोत-से लोग सुसमाचार पै बिश्वास कोनी करते।

[3] पर प्रभु भरोस्सेमंद सै, वो थमनै अन्दरूनी रूप तै मजबूत करैगा अर उसकी रक्षा करैगा, ताके बुराई, शैतान थमनै नुकसान ना पंहुचा सकै।

[4] हमनै प्रभु म्ह थारे उप्पर भरोस्सा सै हमनै जो कुछ थारे ताहीं करण खात्तर कह्या सै थम उसाए करण लागरे सों अर करते भी रहोगे।

[5] हम प्रार्थना करा सां के प्रभु यीशु थमनै यो समझण कै काबिल बणावै के परमेसवर थमनै कितना प्यार करै सै, अर धीरज राखणा सिखावै जिसा मसीह राक्खै सै।

[6] हे बिश्वासी भाईयो, प्रभु यीशु मसीह नै जो हक म्हारे ताहीं दिया सै, उसके कारण हम थमनै हुक्म देवां सां, के थम हरेक इसे बिश्वासी भाई तै न्यारे रहो जो कोए काम न्ही करदा, अर जो शिक्षा उसनै म्हारै तै पाई उसकै मुताबिक न्ही करदा।

[7] क्यूँके थम सारे अपणे-आपनै आच्छी तरियां जाणो सों, के थमनै उस्से तरियां जीणा चाहिए जिस तरियां हम जिवां सां, क्यूँके जिब हम थारे बिचाळै रहण लागरे थे, तो हम आलसी कोनी थे।

[8] अर किसे की रोट्टी मुफ्त म्ह कोनी खाई, मेहनत अर कष्ट तै दिन-रात काम-धन्धा करा थे, ताके हम अपणी जरूरतां खात्तर थारे भरोस्से ना रह्वां।

[9] हालाकि थारे तै आर्थिक मदद पाण का म्हारा हक बणै सै, फेर भी हम कड़ी मेहनत करा सां, पर ज्यांतै के अपणे-आप ताहीं थारे खात्तर आच्छा नमूना बणावां ताके थम भी म्हारै जिसा जीवन जिओ।

[10] क्यूँके जिब हम थारे धोरै थे, तब भी योए कह्या करा थे, के जै कोए काम करणा ना चाहवै तो उसका खाण का भी हक कोनी।

[11] हम सुणां सां के कुछ माणस थारे बिचाळै सुस्त सै अर वे कोए काम न्ही करदे, पर दुसरयां कै काम म्ह रुकावट करै सै, अर उन ताहीं भी काम करण तै रोक्कै सै।

[12] प्रभु यीशु मसीह नै म्हारे ताहीं हक दिया सै, अर हम थमनै भी समझावां सां, के चुपचाप काम करकै अपणी ए कमाई तै रोट्टी खाया कर।

[13] पर हे बिश्वासी भाईयो, थम खुद वो काम करण तै पाच्छै ना हटियो, जो सही अर भले सै।

[14] जै कोए म्हारी इस चिट्ठी म्ह दी गई हिदायत नै कोनी मान्नै तो सब जाण ल्यो के वो कौण सै, अर उसकी संगति ना करो, जिसतै वो शर्मिन्दा होवै।

[15] तोभी उस ताहीं दुश्मन मतना समझो, पर बिश्वासी भाई जाणकै समझाओ।

[16] मै प्रार्थना करुँ सूं, के प्रभु जो शान्ति का चोवा सै आप ए थारे ताहीं सारी हाण अर हरेक तरियां तै शान्ति देवै। प्रभु थम सारया कै साथ रहवै।

[17] मै, पौलुस, अपणे हाथ तै नमस्कार लिक्खूँ सूं। इस्से तरियां तै मै अपणी सारी चिट्ठियाँ के अन्त म्ह न्यूए लिक्खूँ सूं, ताके थम जाण ल्यो के ये मेरी ओड़ तै सै।

[18] मै प्रार्थना करुँ सूं, के म्हारे प्रभु यीशु मसीह का अनुग्रह थम सारया पै होंदा रहवै।

थिस्सलुनीकियों नगर के माणसां ताहीं प्रेरित पौलुस की दुसरी चिट्ठी — Chapters