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Listen to this chapter • 8:03

[1] फिन मइँ आकास स नीचे उतरत एक अउर बलवान सरगदूत क देखेउँ उ बादर क ओड़े रहा अउर ओकरे मूँड़े क आस पास एक मेघधनुस रहा। ओकर मुख मण्डल सूरज क तरह अउर टांग आग क खंभा जइसे रहेन।

[2] आपने हाथे मँ उ एक छोटी स खुली पोथी लिहे रहा।

[3] आपन दहिना पैर समुद्दर मँ अउर बांया पैर धरती प रखेस। फिन उ सेर क तरह दहाड़त जोर स चिल्लाएस। ओकरे चिल्लाए प सातउ गरजन तरजन क आवाज सुनाई देइ लाग जउन सातउ गरजन होइ चुकेन।

[4] अउर मइँ लिखइवाला रहेउँ, तबइ मइँ एक आकासावाणी सुनेउँ, “सातउ गरजन जउन कछू कहे अहइ, ओका छिपाय ल्या अउर ओका न लिखा।”

[5] फिन उ सरगदूत जउने क मइँ समुद्दर मँ अउर धरती प खड़ा देखे रहेउँ, अकास मँ ऊपर दाहिन हाथ उठाएस।

[6] अउर जउन हमेसा स जीवित अहइ, जे अकास क अउर अकास क सब चीजन क, धरती अउर धरती प किहेस अउर समुद्दर अउर जउन कछू ओहमाँ अहइ, ओनकइ सबनक रचना करे अहइ, ओकर सपथ लइके सरगदूत कहेस, “अब अउर जियादा देर न होइ!

[7] मुला जउ सातवाँ सरगदूत क सुनइ क समइ आइ अर्थात जब उ आपन तुरही बजावइवाला होइ, तबइ परमेस्सर क उ छिपी योजना (सुसमाचार) पूरी होइ जाइ जेका उ अपने सेवक अउर नबियन क बताए रहा।”

[8] उ आकासवाणी जउने कि मइँ सुने रहेउँ, उ आवाज फिन मोसे कहेस, “जा अउर उ सरगदूत स जउन समुद्दर मँ अउर धरती प खड़ा अहइ ओकरे हाथे स खुली पोथी क लइ ल्या।”

[9] इ बरे मइँ उ सरगदूत क पास गएउँ अउर मइँ ओसे कहेउँ कि उ छोट क पोथी मोका दइ देइ। उ मोसे कहेस, “एक ल्या अउर खाइ ल्या। एहसे तोहार पेट कड़वा होइ जाइ मुला दोहरे मुँहे मँ इ सहदउ स जिआदा मीठा बन जाइ।”

[10] फिन उ सरगदूत क हाथ स मइँ उ छोट क पोथी लइ लीन्ह अउर ओका खाइ लीन्ह। मोरे मुँहे मँ इ सहद क तरह मीठ लाग मुला जब मइँ खाइ चुकेउँ तब मोर पेट कड़वा होइ गवा।

[11] एह प उ मोसे बोला, “तोहका तमाम मनई, देस, जातियन क भाखा अउर राजा क बावत भविस्सवाणी करइ क पड़ी।”

प्रकासित वाक्य — Chapters