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[1] एह बरे स, मोरे भाइयो, तथा बहिनियो, पर्भू मँ आनन्द मनावत रहा। तू सबन क सच सच ओनही बातन क लिखत रहइ स मोका फिन कउनउ कस्ट नाहीं अहइ अउर तोहरे बरे तउ इ तैयार होइ क मदद करी।

[2] एन्हन कुकुरन स सावधान रहा जउन कुकर्मन मँ लगा अहइँ। उ पचे बधिया कइ देइ चाहत हीं।

[3] काहेकि सच्चा खतनावाला मनई तउ हम अही जउन अपने आराधना क परमेस्सर क आतिमा द्वारा अरपण करत अही। अउर मसीह ईसू पर हम होइ बरे गरब करत अही अउर जउन कछू सारीरीक बा, ओह प हम भरोसा नाहीं करत अही।

[4] जद्यपि मइँ खुद जउन कछू सरीरीक बा, ओह पइ मइँ भरोसा नाहीं कइ सकत रहउँ। मुला अगर केऊ अउर अइसेन सोचइ कि ओकरे लगे सरीसी पर बिसवास करइ बरे बा तउ मोरे लगे तउ उ अउर जियादा बा।

[5] जब मइँ आठ दिना क रहेउँ, मोर खतना कइ दीन्ह गवा रहा। मइँ इस्राएली हउँ बिन्यामीन क वंस क हउँ। मइँ इब्रानी माता-पिता स पइदा भवा एक इब्रानी हुउँ। जहाँ तक व्यवस्था क विधान तलक मोरे पहुँच क प्रस्न बा, मइँ फरीसी हउँ।

[6] जहाँ तलक मोरी निस्ठा क प्रस्न बा, मइँ कलीसिया क बहुत सताये रहउँ। जहाँ तलक ओह धार्मिकता क सवाल बा जेका व्यवस्था क विधान सिखावत ह, मइँ निर्दोख रहेउँ।

[7] परन्तु तब जउन मोर लाभ रहा, आज उही क मसीह क बरे मइँ आपन हानि समझत अहउँ।

[8] इहूउँ स बड़ी बात इ बा कि मइँ अपने पर्भू मसीह ईसू क गियान क स्रेष्ठता क कारण आज तलक सब कछु क हीन समझत रहेउँ। उही बरे मइँ सब कछू तियागा कइ दिहेउँ अउर मइँ सब कछू क घिना क परन्तु समझइ लाग हउँ ताकि मसीह क पाई सकउँ

[9] अउर ऊही मँ पावा जाइ सकउँ-मोर उ धरम भाव क कारण नाहीं जउन व्यवस्था क विधान पर टिकी रही, बल्कि ओह धरम भाव क कारण जउन मसीह मँ बिसवासे क कारण मिलत ह। जउन परमेस्सर स मिली बा ओकर आधार बिसवास अहइ।

[10] मइँ मसीह क जानइ चाहत हउँ अउर ओह सक्ती क अऩुभव करइ चाहत हउँ जेसे ओका पुनः जागरण भवा रहा। मइँ ओकरी यातनन का सहभागी होइ चाहत हुँ। अउर उही रूपे क पाइ लेइ चाहत हउँ जेका उ आपन मउत क द्वारा पाए रहा।

[11] एह आसा क साथे कि मइँ भी इही तरह मरा हुआ मँ स उठि क फिन स जी पावउँ।

[12] अइसेन नाहीं अहइ कि मोका आपन प्राप्ति होइ चुकी बा अउर मइँ पूरा सिद्ध बन चुका हउँ। परन्तु मइँ उपलब्धि क पाइ ल्लेइ क बरे बराबर प्रयास करत रहत हउँ जेकरे बरे मसीह ईसू मोका आपन बँधुआ बनाए रहा।

[13] भाइयो, तथा बहिनियो, मइँ इ नाहीं सोचित हउँ कि मइँ ओका पाई चुका हउँ। पर बात इ अहइ कि बीती क बिसराइ द्या, जउन मोरे सामने बा, ओह लच्छ तलक पहुँचइ बरे मइँ संघर्ष करत रहउँ।

[14] मइँ ओह लच्छ क बरे हमेसा प्रयास करत रहउँ कि मइँ अपने ओह इनामें क जीत लेउँ, जेका मसीह ईसू मँ पावई क बरे परमेस्सर तउ मोका उप्पर बोलाए अहइ।

[15] ताकि ओन्हन लोगन क, जउन हमरे मँ पूर्ण मनई बन चुका बाटेन, मन क स्वरूप अइसेन रहइ । परन्तु अगर तू कीहीउ बात क कउनउ अउर ढंग स सोचत ह तउ तोहरे बरे ओकर जाहिर करइके परमेस्सर कइ देई।

[16] जउन सच्चाई तक हम पहुँच चुका अही, हमका उही पे चलत रहइ चाही।

[17] भाइयो, तथा बहिनियो, अउरन क साथे मिलि के मोरे नकल करा जउन उदाहरण हम तोहरे सामने रखे अही, ओकरे अऩुसार जउन जिअत हीं, ओह पर धियान द्या।

[18] काहेकि अइसेन ही बहुत जने अहइँ जउन मसीह क क्रुस स दुस्मनी रखत जिअत हीं। मइँ तोहका बहुत बाह बताए हउँ अउर अब भी मइँ इ बिलखि-बिलखि क कहत हउँ

[19] ओनकर नास ओनकइ नियति अहइ। ओनकर पेट ओनकर भगवान अहइ। अउर जेहपर ओनका लजाई चाही, ओह पर ओ गरब करत हीं। ओनका बस संसारी वस्तुवन क चिन्ता बा।

[20] परन्तु हमार जन्मभूमि तउ सरगे मँ बा। ऊही स हम उद्धारकर्ता पर्भू ईसू मसीह क आवइ क बाट जोहत रहित ह।

[21] आपन ओह सक्ती क द्वारा जेहसे सब वस्तुवन क उ अपने अधीन कइ लेत ह, हमार कमजोर देह क बदल क आपन दिव्य देह जइसेन बनाई देई।

फिलिप्पियन क पत्र — Chapters