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Listen to this chapter • 8:14

[1] उ समइया हुवाँ हाजिर कछू मनइयन ईसू क ओन गलीलियन क बारे मँ बताएस जेनकइ लहू पिलातुस ओनके बलिदान क संग मिलाइ दिहे रहा।

[2] तउ ईसू ओनसे कहेस, “तू का सोचत ह कि सबइ गलीलियन दूसर सबइ गलीलियन स जिआदा पापी रहेन काहेकि ओनका इ सबइ बातन भीजे पड़ी?

[3] नाहीं! मइँ तोहका बतावत हउँ, जदि तू भी मनफिरावा नाहीं करब्या तउ तू भी वइसी ही मउत स मरब्या जइसी उ सबइ मरे रहेन!

[4] या ओन अट्ठारह मनइयन क बारे मँ तू का सोचत ह जेनके ऊपर सीलोह क बुर्ज गिरिके ओनका मारि डाएस। का सोचत ह, उ सबइ यरूसलेम मँ बसइया दूसर सबइ ही मनइयन स जिआदा अपराधी रहेन?

[5] नाहीं! मइँ तोहका बतावत हउँ कि जदि तू मनवा न फिरउब्या तउ तू भी वइसे ही मरब्या!”

[6] फिन उ इ दिस्टान्त कथा कहेस: “कउनो मनई आपन अँगूरे क बारी मँ एक ठु अंजीरे क बृच्छ रोपे रहा। तउ उ ओह पइ फल ढूँढ़इ आवा पर ओका कछू नाहीं मिल पावा।

[7] ऍह पइ उ माली स कहेस, ‘अब लखा मइँ तीन बरिस स अँजीरे क बृच्छ प फल टटोरत आवत हउँ मुला मोका एक ठु भी नाहीं मिलि पावा। एह बरे ऍका काटि डावा। इ धरती क अइसी ही वृथा काहे करत रहइ?’

[8] माली ओका जवाब दिहेस, ‘स्वामी ऍका इ बरिस तब ताईं तजि द्या, जब तलक मइँ ऍकरे चारिहुँ कइँती खनिके एहमाँ पाँस नउबउँ।

[9] फिन जदि उ अगवा बरिस फल देइ तउ नीक बा अउर जदि नाहीं देत तउ तू ऍका काटि डाइ सकत ह।’”

[10] कउनो आराधनालय मँ सबित क दिन ईसू जब उपदेस देत रहा।

[11] तउ हुवँई एक अइसी स्त्री रही जेहमाँ दुस्ट आतिमा समाइ ग रही। जउन ओका अट्ठारह बरिस स पंगु बनाइ दिहे रही। उ निहुरिके कुबड़ी होइ गइ अउर तनिकउ सोझ नाहीं होइ सकत रही।

[12] ईसू ओका जब निहारेस तउ आपन लगे बोलाएस अउर कहेस, “हे स्त्री, तोहका आपन बेरामी स छुटकारा मिलि गवा!” इ कहत भवा

[13] ओह पइ आपन हाथ रखेस। अउर उ फउरन सीध होइ गइ। उ परमेस्सर क गुन गावइ लाग।

[14] ईसू काहेकि सबित क दिन ओका बेरामी स जरटुट किहेस, एह बरे आराधनालय क नेता किरोध मँ आइके मनइयन स कहेस, “काम करइ क बरे छ: दिन होत हीं तउ ओनही दिनम मँ आवा अउर आपन बेरामी क दूर करावा पर सबित क दिन नीरोग होइ बरे जिन आवा।”

[15] पर्भू जवाब देत भवा ओसे कहेस, “अरे कपटियो! का तोहमाँ स हर कउनो सबित क दिन आपन बर्धा अउर गदहा क बारा स निकारिके कहूँ पानी पिआवइ नाहीं लइ जात ह?

[16] अब इ स्त्री जउन इब्राहीम क बिटिया अहइ अउर जेका सइतान अट्ठारह बरिस स जकरिके राखे बा, का ऍका सबित क दिन ऍका बंधन स छुटकारा नाहीं देइ क चाही?”

[17] जब उ इ कहेस तउ ओकर खिलाफत करइवालन सबइ सर्माइ गएन। ओह कइँती समूची भीड़ ओकरे अचरजे स भरे कामन स जेनका उ किहे रहा, खुस होइ गइ।

[18] तउ ईसू कहेस, “परमेस्सर क राज्य का अहइ अउर मइँ ऍकर तुलना कइसे करउँ?

[19] उ सरसई क दाना क नाई अहइ, जेका कउनो लइके आपन बगिया मँ बोएस। उ बड़ा भवा अउर एक बृच्छ होइ गवा। फिन अकासे क चिरइयन ओकर डारी प घोंसला बनाइ लिहन।”

[20] उ फिन ईसू कहेस, “परमेस्सर क राज्य क बरोबरी मइँ कइसे करउँ?

[21] इ उ खमीरे क नाई अहइ जेका एक स्त्री तीन हींसा पिसान मँ सान दिहेस अउर उ समूचा पिसान खमीरे स भरि गवा।”

[22] ईसू जब सहरन अउर गाँउन स होत भवा उपदेस देत भवा यरूसलेम जात रहा।

[23] तबहीं ओसे कउनो पूछेस, “पर्भू क केवल कछू मनइयन क ही उद्धार होइ?” ईसू कहेस,

[24] “साँकर दुआरे स घुसइ क होइ सकइवाला जतन करा, काहेकि मइँ तोहका बतावत हउँ कि भीतर जाइ क जतन बहोत स करिहीं पर जाइ न पइहीं।

[25] जब एक दाईं घरे क स्वामी उठिके दुआर बंद कइ देत ह, तउ तू बाहेर ही खड़ा दुआर खटखटावत कहब्या, ‘महासय, हमरे बरे खोलि द्या!’ मुला उ तोहका जवाब देइ, ‘मइँ नाहीं जानत तू कहाँ ले आवा बाट्या?’

[26] तब तू कहइ लगब्या, ‘हम तोहर संग खावा ह, तोहर संग पिआ ह, तू हमरी गलियन मँ हमका सीख दिहा ह।’

[27] पर उ तोसे कही, ‘मइँ नाहीं जानत तू कहाँ स आवा अहा? अरे कुकर्मी मनइयो! मोरे लगे स पराइ जा!’

[28] “जब तू इब्राहीम, इसहाक, याकूब अउर दूसर सबहीं नबियन क परमेस्सरे क राज्य मँ निहरब्या मुला तोहका बाहेर ढकेल दीन्ह जाइ। तउ हुवाँ बस रोउब अउर दाँत पीसब होई।

[29] फिन पूरब अउर पच्छूँ, उत्तर अउर दक्खिन स मनइयन परमेस्सर क राज्य मँ आइ आइके खइया क चउकी प आपन आसन ग्रहण करिहीं।

[30] धियान रहइ कि हुवाँ जउन आखिरी अहइ पहिले होइ जइहीं अउर जउन पहिले अहइँ उ पचे आखिरी होइ जइहीं।”

[31] उहइ समइ ईसू क लगे कछू फरीसियन आएन अउर ओसे बोलेन, “हेरोदेस तोहका मारि डावइ चाहत ह, एह बरे हुवाँ स कहूँ अउर चला जा।”

[32] तब उ ओनसे कहेस, “जा अउर उ लोखरी स कहा, ‘मइँ मनइयन मँ स दुस्ट आतिमन क निकारब, मइँ आज ही चंगा करब अउर भियान भी। फिन तीसर दिन मइँ आपन काम पूरा करब।’

[33] फिन भी मोका आजु, भियान अउर परउँ चलत ही रहइ क अहइ। काहेकि कउनो नबियन बरे इ नीक नाहीं कि उ यरूसलेम स बाहेर प्रान तजि देइ।

[34] “यरूसलेम अरे ओ यरूसलेम! तू नबियन क कतल करत ह अउर परमेस्सर जेका तोहरे लगे पठएस ह, ओन प पाथर बरिसावत ह। मइँ केतॅनी दाईं तोहरे मनइयन क वइसे ही आपुस मँ बटोरइ चाहा ह जइसे एक ठु मुर्गी आपन बचवन क आपन पखना तरे बटोरत ह। मुला तू नाहीं चाह्या।

[35] लखा तोहरे बरे तोहार घर तोहरे लिए उजरा पड़ा अहइ। मइँ तोहका बतावत हउँ तू मोका उ समइया तलक फिन नाहीं देखब्या। जब ताईं उ समइ न आइ जाइ जब तू कहब्या, ‘धन्य अहइ उ, पर्भू क नाउँ प जउन आवत बा।’”

लूका रचित सुसमाचार — Chapters