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[1] मोर पिआर भाइयो तथा बहिनियो, काहेकि महिमावान पर्भू ईसू मसीह मँ तोहार बिसवास बा, उ लोगन क प्रति पच्छपातपूर्ण न होइ।

[2] कल्पना करा तोहरे सभा मँ कउनउ मनई सोना क अगूँठी अउर भव्य कपड़ा धारण कइके आवत ह। अउर तबहिं मइला कुचइला कपड़ा पहिरे एक गरीब मनई आवत ह।

[3] अउर तू जे भव्य कपड़ा धारण किहे अहइ, ओका बिसेस महत्व देत भए कहत अहा, “इहाँ एह उत्तिम आसन प बइठा,” जब कि ओह गरीब मनई स कहत अहा, “उहाँ खड़ा रहा” या “मोरे गोड़न क लगे बइठि जा।”

[4] अइसेन करत भए तू लोगन क बीच भेद भाऊ नाहीं किहा अउर खराब बिचारन क साथे निआवकर्ता नाहीं बनि गया?

[5] मोर पिआरे भाइयो तथा बहिनियो, सुना, का परमेस्सर त संसार क आँखिन मँ ओन्हन गरीबन क बिसवास मँ धनी अउर ओह राज्य क उत्तराधिकारी क रूपे मँ नाहीं चुनेस? जेकर उ, जउन ओका पिरेम करत हीं, देइ क बचन दिहे अहइ।

[6] परन्तु तू तउ ओह गरीब मनई का अपमान किहा ह। का इ धनिक मनइयन उहइ नाहीं हयेन, जउन तोह प नियत्रण करत हीं अउर तोह सबन क कचरहिउ मँ घसीट लइ जात हीं?

[7] का इ उहई नाहीं हयेन, जउन मसीह क ओह अच्छे नाउँ क निन्दा करत हीं, जउन तोहे सबन क दीन्ह गवा बा?

[8] अगर तू पवित्तर सासतरन मँ मिलइवाली एह अच्छी व्यवस्था क सहीयउ मँ पालन करत अहा, “अपने पड़ोसी स भी वइसेन ही पिरेम करअ, जइसे तू अपने आप स करत अहा।” तउ तू अच्छा ही करत अहा।

[9] परन्तु अगर तू पच्छपात देखॅावत अहा तउ तू पाप करत अहा। फिन तोहका व्यवस्था क तोड़इवाला ठहरावा जाई।

[10] काहेकि कउनउ अगर पूरी व्यवस्था क पालन करत ह अउर एक बात मँ चूकि जात ह तउ उ समूची व्यवस्था क उल्लंघन क दोसी होइ जात ह।

[11] काहेकि जे इ कहे रहा, “व्यभिचार न करा।” उहइ तउ इहउ कहे रहा, “हतिया न करा।” तउन अगर तू व्यभिचार नाहीं करत्या परन्तु हतिया करत अहा तउ तू व्यवस्था क तोड़इवाला अहा।

[12] तू उही लोगन क समान बोला अउर ओनही क जइसेन आचरण करा जेकर ओह व्यवस्था क अनुसार निआव होइ जात बा, जेसे छुटकारा मिलत ह।

[13] जउन दयालुता नाहीं देखउतेन ओकरे बरे परमेस्सर क निआव बिना द्या के ही होइ। किन्तु दया निआव प बिजइ पावत ह।

[14] मोर भाइयो तथा बहिनियो, अगर केउ मनई कहत ह कि उ बिसवासी बा त मुला कछू करम नाहीं करत तउ अइसेन स का लाभ जब तलक कि ओकरे करम बिसवास क अनुकूल न होइ? अइसेन बिसवास स का ओकर उद्धार कइ सकत ह?

[15] अगर ईसू मँ लिप्त भाई अउ बहिन क पास कपड़न न होइ, अउर ओनके लगे खाइ तक क कछू भी न होइ,

[16] अउर तोहमाँ सही केउ ओनसे कहइ “सान्ति स जियाअ, परमेस्सर तोहार कल्लियान करइ अपने क गरमावा अउर अच्छे तरह भोजन करा।” अउर तू ओनके सरीरीक जरूरतन क चीजन ओन्हे न द्या तउ फिन एकर का मूल्य बा?

[17] इहइ बात बिसवास क समबन्ध मँ कहि जाउ सकत ह। अउर अगर बिसवास क साथे करम नाहीं बा तउ उ अपने आप मँ बिना प्राण क बाटइ।

[18] परन्तु केउ कहि सकत ह, “तोहरे लगे बिसवास बा, जबकि मोरे लगे करम बा अब तू बिना करमन क आपन बिसवास देखावा अउर मइँ तोहे आपन बिसवास अपने करमन क द्वारा देखाउब।”

[19] का तू बिसवास करत अहा कि परमेस्सर केवल एक बा? अद्भुत! दुस्ट आतिमा इ बिसवास करत ह कि परमेस्सर बा अउर उ काँपत रहत ह।

[20] अरे मूरख! का तोहे प्रमाण चाही कि करम रहित बिसवास बेकार बा?

[21] का हमार पिता इब्राहीम अपने करमन क आधार प ही ओह समइ परमेस्सर धर्मी नाहीं ठहरावा गवा रहा जब उ अपने बेटवा इसहाक क वेदी प अर्पित कइ दिहे रहा?

[22] तू देखा कि ओकर इ बिसवास ओकरे करमन क साथे ही सक्रिय होत रहा। अउर ओकर करमन स ही ओकर बिसवास परिपूर्ण कीन्ह गवा रहा।

[23] एह तरह पवित्तर सास्तर क इ कहा पूरा भवा रहा, “इब्राहीम तउ परमेस्सर प बिसवास किहेस अउर बिसवासे क अधार पे ही उ परमेस्सर का धर्मी ठहरा।” अउर इही स ही उ “परमेस्सर क दोस्त” कहा गवा।

[24] तू देखा कि केवल बिसवासी स नाहीं, बल्कि अपने करमन स ही मनई परमेस्सर क धर्मी ठहरत ह।

[25] इही तरह राहाब बेस्था भी बीका, जब उ परमेस्सर क दूतन क अपने घरे मँ स्वागत किहेस अउर फिन ओन्हे दुसरे रस्ता स कहूँ भेज दिहेस तउ ओह समइ का अपने करमन स परमेस्सर क धर्मी नाहीं ठहराई गइ।

[26] एह तरह जइसेन बिना आतिमा क सरीर मरा हुआ बा, वइसेनइ करम बिना बिसवास क निर्जीव बा।

याकूब क पत्र — Chapters