[1] इ मलिकिसिदक सालेम क राजा रहा अउर सर्वोच्च परमेस्सर क याजक रहा। जब इब्राहीम राजा लोगन क पराजित कइके लउटत रहा त उ इब्राहीम स मिला अउर ओका आसीर्बाद दिहेस।
[2] अउर इब्राहीम तउ ओका उ सब कछू मँ स जउन उ युद्ध मँ जीते रहा ओकर दसवाँ भाग प्रदान किहेस। ओकरे नाउँ क पहिला अर्थ अहइ, “धार्मिकता क राजा” अउर फिन ओकर इ अर्थ अहइ, “सालेम क राजा” मतलब “सान्ति क राजा।”
[3] ओकरे पिता या ओकरी महतारी अउर ओकरे पूर्वजन क कउनो इतिहास नाहीं मिलत ह। ओकर जन्म अउर मउत क कहुँ कउनउ उल्लेख नाहीं बा। परमेस्सर क पूत क समान ही उ हमेसा-हमेसा क बरे याजक बना रहत ह।
[4] तनिक सोचा, उ केतॅना महान रहा। जेका कुल प्रमुख इब्राहीम तलक तउ अपने प्राप्ति क दसवाँ भाग दिहे रहा।
[5] अब देखा व्यवस्था क अनुसार लेवी बंसज जउन याजक बनत हीं लोगन स मतलब अपनी ही भाइयन स दसवाँ भाग लेइँ। जद्यपि ओनकर उ सबइ भाई इब्राहीम क बंसज अहइँ।
[6] फिन उ मलिकिसिदक जउन लेवीबंसी भी नाहीं रहा, इब्राहीम स दसवाँ भाग लिहेस। अउर उ इब्राहीम क आसीर्बाद दिहेस जेकरे लगे परमेस्सर क प्रतिज्ञा रही।
[7] एहमाँ कउनउ संदेह नाहीं रहा कि जउन आसीर्बाद देत ह उ आसीर्बाद लेइवाला स बड़ा होत ह।
[8] जहाँ तलक लेवियन क प्रस्न बा, ओहमाँ दसवाँ भाग ओन्हन मनइयन द्वारा एकट्ठा कीन्ह जात ह, जउन मरणसील हयेन मुला मलिकिसिदक क जहाँ तलुक प्रस्न बा दसवाँ भाग ओकरे दुवारा एकत्र कीहा जात ह, जउन पवित्तर सास्तर क अनुसार अबहुँ जिन्दा अहइँ।
[9] तउ फिन कउनो इहाँ तलक कहि सकत ह कि उ लेवी जउ न दसवाँ भाग एकट्ठा करत ह, उ इब्राहीम क जरिये दसवाँ भाग प्रदान कइ दिहेस।
[10] काहेकि जब मलिकिसिदक इब्राहीम स मिला रहा, तबउ लेवी अपने पर्वजन क सरीर मँ वर्तमान रहा।
[11] अगर लेवी सम्बन्धी याजकता द्वारा पूर्णता पाइ जाइ सकत काहेकि इही क अधार प लोगन क व्यवस्था दीन्ह गवा रहा। त कउनो दुसर याजक क आवइ क जरूरत इ का रही? एक अइसेन याजक क जउन मलिकिसिदक क परम्परा क होइ, न कि हारून क परम्परा क।
[12] काहेकि जब याजकता भी बदलत ह, तउ व्यवस्था मँ भी परिवर्तन होइ चाही।
[13] जेकरे बिषय मँ इ सबइ बात कही गइ बाटिन, उ कउनो दुसरे गोत्र क अहइ, अउर ओह गोत्र क कउनो मनई कबहुँ वेदी क सेवक नाहीं रहा।
[14] काहेकि इ तउ स्पस्ट इ बा कि हमार पर्भू यहूदा क बंसज रहा अउर मूसा तउ ओह-गोत्र क बरे याजकन क बारे मँ कछू नाहीं किहे रहा।
[15] अउर जउन कछू हमहूँ कहे हई अउर उ स्पस्ट बा कि मलिकिसिदक क जइसेन एक दुसर याजक प्रकट होत ह।
[16] उ आपन वंसावली क नियम क आधार प नाहीं बल्कि एक अनन्त जीवन क सक्ती क आधार प याजक बना अहइ।
[17] काहेकि घोसित कीन्ह गवा रहा, “तू अहा एक याजक सास्वत मलिकिसिदक क जइसा।”
[18] पहिला नियम एह बरे रद्द कइ दीन्ह गवा काहेकि उ कमजोर अउर बेकार रहा।
[19] काहेकि व्यवस्था तउ कउनो क सम्पूर्ण सिद्ध नाहीं किहेस अउर एक अच्छी आसा क सूत्रपात किन्ह गवा जेकरे द्वारा हम परमेस्सर क लगे खिंचित ह।
[20] इ बात भी महत्वपूर्ण बा कि परमेस्सर तउ ईसू क सपथ क द्वारा महायाजक बनाए रहा। जबकि अउरन क बिना सपथ कउनो महायाजक बनावा गवा रहा।
[21] मुला ईसू तब एक सपथ स याजक बना रहा, जब परमेस्सर तउ ओसे कहे रहा, “पर्भू तउ लिहे अहइ सपथ अउर उ कबहुँ नाहीं बदली निज मत ‘तू अह एक ठु याजक सास्वत।’”
[22] इ सपथ क कारण ईसू एक अउर अच्छा करार क जमानत बन गवा बा।
[23] अब देखा। अइसेन बहुत स याजक हुआ कतत हीं जेन्हे मउत तउ अपने गोड़े प नाहीं बनइ रहइ दिहेस।
[24] मुला काहेकि ईसू अमर अहइ, इही बरे ओकर याजकपन भी हमेसा-हमेसा बना रहइवाला अहइ।
[25] अतः जउन लोग ओकरे द्वारा परमेस्सर तक पहुँच हीं, उ ओनकर हमेसा क बरे उद्धार करइ मँ समर्थ अहइ, काहेकि उ ओनकर मध्यस्थता क बरे ही हमेसा जिअत ह।
[26] अइसेन ही महायाजक हमार जरूरतन क पूरा कइ सकत ह, जउन पवित्तर होइ, दोस रहित होइ, सुद्ध होइ, पापियन क प्रभाऊ स दूर रहत होइ, सरग से भी जेका ऊँचा उठावा गवा होइ।
[27] जेकरे बरे दुसर याजकन क समान इ जरूरी न अहइ कि उ दिन प्रतिदिन पहिले अपने पापन क बरे अउर फिन लोगन क पापन क बरे बलिदान चढ़ावइ। उ तउ हमेसा-हमेसा क बरे ओनके पापन क बरे खुद अपने आप क बलिदान कइ दिहेस।
[28] काहेकि व्यवस्था दुबर्ल लोगन क याजक क रूप मँ नियुक्त किहेस। मुला सपथ क बचन व्यवस्था क बाद आवा, उस बचन क द्वारा परमेस्सर बेटवा क महायाजक क रूप मँ नियुक्त किहेस जउन हमेसा हमेसा क बरे पूरा बनि गवा।