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[1] पौलुस क तरफ स, जउन एक प्रेरित अहइ, जे एक अइसेन सेवा बरत धारन किहे अहइ। जउन ओका न तउ मनइयन स मिला बा अउर न कउनो एक मनई क जरिये दीन्ह गवा रहा, बल्कि ईसू मसीह क जरिये उ परमपिता परमेस्सर स, जे ईसू मसीह मरे रहे प फिन स जियाइ दिहे रहा, दीन्ह भवा बा।

[2] अउर मोरे साथे जउन भाइ अहइँ, ओन्हे सब ओर स, गलातिया छेत्र क कलीसियवन क नाउँ:

[3] हमरे परमपिता परमेस्सर अउर पर्भू ईसू मसीह कइँती स तू सबन क अऩुग्रह अउर सान्ति मिलइ।

[4] जे हमरे पापन बरे अपने आपके अर्पित कइ दिहेन ताकि इ पाप पुन्न संसारे स, जेहेमें हम रहत हई, उ हमका छुटकारा देवॉइ सकइ। हमरे परमपिता क इहइ इच्छा अहइ।

[5] उ हमेसा महिमावान होइ। आमीन।

[6] मोका अचरज बा, कि तू सभे ऍतनी जल्दी उ परमेस्सर स मुँह मोड़के, जे मसीह क अनुग्रह द्वारा तू पचन क बोलाए रहा, कउनो दुसरे सुसमाचार क तरफ जात अहा।

[7] कउनउ दुसर सुसमाचार तउ सहीयउ मँ अहइ ही नाहीं ना, मुला कछू जने अइसेन अहइँ जउन तोहे भरमावत अहइँ। अउर मसीह क सुसमाचार मँ हेर-फेर क जतन करत हीं।

[8] मुला चाहे हम होई अउर चाहे केऊ सरगदूत या तू सबन क हमरे कारण सुनावा गवा सुसमाचार स अलग सुसमाचार सुनावत हीं तू ओका धिक्कार बा।

[9] जइसेन की हम पहिले कहिं चुका हई, ओइसेन ही मइँ अब फिन दोहरावत अहउँ कि जदि चाहे हम होइ अउर चाहे केऊ सरगदूत, या तोहरे स स्वीकार कीन्ह गवा सुसमाचार स अलग सुसमाचार सुनावत हीं तउ ओका धिक्कार अहइ।

[10] का एहसे तू सब्बन क अइसेन लागत ह कि मोका मनइयन क स्वीकृति चाही? या इ अउर परमेस्सर की स्वीकृति मिलइ। अउर का मइँ मनइयन क खुस करई क जतन करत हइ? अगर मइँ मनइयन क खुस करित ह तउ मइँ ईसू मसीह क सेवक-सा न होइत।

[11] भाइयो, मइँ तोहका जतावइ चाहित ह कि सुसमाचर जेकर उपदेस तू पचन क मइँ दिहे हउँ उ मनई द्वारा नाहीं बनावा गवा ह।

[12] कउनउ मनई स मिला सुसमाचार नाहीं ना काहेकि न तउ मइँ एका कीहीउ मनई स पाएउँ हउँ अउर न तउ कउनउ मनई एकर उपेदस मोका दिहे बा। ईसू मसीह द्वारा हमरे सामने परगट भवा बा।

[13] यहूदी धरम मँ मइँ पहिले कइसे जिअत रहेउँ ओका तू सुन चुक्या ह, अउर तू इहउ जानत ह कि मइँ परमेस्सर क कलीसिया पर केतॅना अत्याचार किहे हउँ अउर ओका मिटाइ डालइ क कोसिस तक किहे अहइ।

[14] यहूदी धरम क पालइ मँ मइँ अपने जुगे क समकालीन यहूदियन स आगे रहेउँ काहेकि मोर पूर्वजन स जउन परम्परा मोका मिली रहिन, ओहमँ हमार उत्साहरपूरक आस्था रही।

[15] मुला परमेस्सर मोरे जनम स पहिलेन मोका चुन लिहे रहा। अउर आपन अनुग्रह व्यक्त करइ क मोका बोलाइ लिहे रहा।

[16] ताकि उ मोका अपने पूत (ईसू) क गियान कराइ देइ। जेसे मइँ गैर यहूदियन क बीच ओकरे सुसमाचार क प्रचार करउँ। ओह समइ जल्दी स मइँ कउनउ मनई स कउनउ राय नाहीं लिहेउँ।

[17] अउर न तउ मइँ ओन्हन क लगे यरूसलेम गएउँ जउन मोसे पहिले प्रेरितन बना रहेन। बल्कि मइँ अरब गवा रहेउँ अउर फिन उहाँ स दमिस्क लउटि आएउँ।

[18] फिन तीन साल क बाद पतरस स मिलइ बरे मइँ यरूसलम पहुँचेउ अउर ओकरे साथे एक पखवाड़ा ठहरेउँ।

[19] मुला उहाँ मइँ पर्भू क भाई याकूब क देखिके कउनो अउर दुसरे प्रेरितन स नाहीं मिलेउँ।

[20] मइँ परमेस्सर क साच्छी कइके कहत हउँ कि जउन कछू मइँ लिखत हउँ ओहमाँ झूठ नाहीं बा।

[21] ओकरे बाद मइँ सीरिया अउर कलिकिया क देसन मँ गएउँ।

[22] मुला यहूदीयन क मसीह क मानइवाले क कलीसियन अपने रूप स मोका नाहीं जानत रहेन।

[23] मुला उ लोग स कहत सुनत रहेने, “उहइ मनई जउन पहिले हमका सतावत रहत रहा उही बिसवासे यानि उही बिसवास क प्रचार करत रहत ह जेका उ कभउँ खराब करई क कोसिस करे रहा।”

[24] मोरे कारण उ पचे परमेस्सर क स्तुति किहेन।

गलातियन क पत्र — Chapters