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[1] गदेलन, पर्भू मँ आस्था रखत महतारी-बाप क आज्ञा क पालन करा काहेकि इहइ तरीका पर्भू चाहत बा।

[2] “आपन महतारी-बाप क सम्मान करा।” इ पहली आज्ञा अहइ जउन इ परितिसिया स युक्त बा

[3] कि “तोहार भला होई अउर तू धरती पर चिरायु होब्या।”

[4] अउर हे पिता लोगो, तू पचे आपन गदेलन क गुस्सा न दिआवा बल्कि पर्भू स मिली सिच्छा अउर निर्देसन क देत ओनकर पालन-पोसन करा।

[5] हे सेवक लोगो, तू पचे आपन संसारी स्वामियन क आज्ञा निष्कपट हिरदइ स भय अउर आदर क साथे उही तरह माना जइसे तू मसीह क आज्ञा मानत ह।

[6] केवल कीहीउँ क देखत रहत ही रहा काम न करा जइसे तोहे लोगन क समर्थन क आवश्यकता होइ। बल्कि मसीह क सेवक क रूप मँ करा जउन आपन मन लगाइके परमेस्सर क इच्छा पूरी करत हीं।

[7] उत्साह क साथे एक सेवक क रूप मँ अइसेन काम करा जइसे माना तू लोगन, क नाहीं पर्भू क सेवा करत अहा।

[8] याद रखा, तोहमें हर एक चाहे उ सेवक होइ या स्वतंत्र होइ या केउ अच्छा काम करत ह, तउ पर्भू स ओका पुरस्कार मिली।

[9] स्वामियन, तू सबहुँ आपन सेवकन क साथे वइसेन ही व्यहार करा अउर ओनका डरोवइ धमकावइ छोड़ि द्या। याद रखा, ओनकर अउर तोहर स्वामी सरगे मँ अहइ अउर उ कउनउ पच्छपात नाहीं करत।

[10] मतलब इ कि पर्भू मँ स्थित होइके ओकर असीम सक्ती क साथे आपन आपक सक्तिसाली बनावा।

[11] परमेस्सर क सम्पूर्ण कवच क धारण करा। ताकि तू राच्छस (दुस्टन) क सबइ योजन क सामने टिक सका।

[12] काहेकि हमार संघर्ष मनइयन स नाहीं बा, बल्कि सासकन, अधिकारियन, एक अन्धकार भरा जुग क आकास क सक्तियन अउर अम्बर क दुस्टात्मिक सक्तियन क साथे बा।

[13] इही बरे परमेस्सर क सम्पूर्ण कवच क धारण करा ताकि जब बुरा दिन आवइ तउ जउन कछू संभव बा ओका कइ चुकइ क बाद तू दृढतापूर्वक अडिग रहि सका।

[14] तउ आपन करिहाउँ पइ सत्य क फेंटा कसिके नेकी क झिलम पहिन क

[15] अउर गोड़न मँ सान्ति क सुसमाचार सुनावइ क तत्परता क पनही धारण कइके तू लोग अटल खड़ा रहा।

[16] इ सबसे बड़ी बात इ बा कि विस्व क ढाल क रूप मँ लइ ल्या। जेकरे द्वारा तू ओन दुस्टन (सइतान) क समस्त अग्नि बाणन का बुझाई सका, जउन बन्दी क द्वारा छोड़ा गवा अहइँ।

[17] उद्धार क बरे क सिरस्त्राण पहिन ल्या अउर परमेस्सर क सँदेसा रूपी आतिमा क तलवार उठाइ ल्या।

[18] सब तरह क पराथना अउर निवेदन सहित आतिमा क सहायता सब अवसर पर विनती करत रहा। एह लच्छ स सभन प्रकार क यत्न करत सावधान रहा। अउर सभन सन्तन क बरे पराथना करा।

[19] अउर मोरे बरे पराथना करा कि मइँ जब आपन मुँह खोलउँ, मोका एक सुसंदेस मिलइ ताकि निर्भयता क साथ सुसमाचार क रहस्य भरा सच क, परगट कइ साकउँ।

[20] इही बरे मइँ जंजीर मँ जकड़ा भआ राजदूत क समान सेवा करत हउँ। पराथना करा कि, जेह तरह मोका बोलइ चाही उही तरह निर्भयता क साथे सुसमाचार क प्रबचन कइ सकउँ।

[21] तूहउ, मइँ कइसेन हउं अउर का करत हउँ, एका जान जा। सो तुखिकुस तोहे सबन कछू बताइ देई। इ हमार पिआरा बंधु अहइ अउर पर्भू मँ स्थित एक बिसवासपूर्ण सेवक अहइ।

[22] इही बरे मइँ ओका तोहरे लगे भेजत हउँ ताकि तू मोर समाचार जानि सका अउर इही बरे कि उ तोहरे मने क सान्ति देइ सकइ।

[23] भाइयो, तू सबे क परमपिता परमेस्सर अउर पर्भू ईसू मसीह कइँती स सान्ति, पिरेम अउर बिसवास मिलइ।

[24] जउन हमरे पर्भू ईसू मसीह स अमर पिरेम रखत हीं, ओन पइ परमेस्सर क अनुग्रह होत ह।

इफिसियन क पत्र — Chapters