[1] परमेस्सर क काम मँ साथे साथे काम करइ क नाते हम तू लोगन स आग्रह करत अही कि परमेस्सर क जउन अनुग्रह तोहे मिला बा, ओका बेकार न जाइ द्या।
[2] काहेकि उ कहे बा: “तोहार सुन लिहा अच्छे समइ पर मइँ अउर उद्धार क दिना आवा मइँ तोहका सहारा देइ।” देखा! “उचित समइ” इहइ अहइ! देखा! “उद्धार क दिन” इहइ अहइ।
[3] हम कउनो क बरे कउनउ बहुत विरोध उपस्थित नाहीं करित ह जेसे हमरे कामे मँ कउनउ कमी आवइ।
[4] बल्कि परमेस्सर क सेवक क रूप मँ हम सब तरह से अपने क अच्छा सिद्ध करत रहित ह। धीरज क साथे सबकछू सहत सहत सबइ यातना क बीच, बिपत्तियन क बीच, कठिनाइन क बीच
[5] मार खात खात बन्दी घरे मँ रहत रहत भीड़ हमरे खिलाफ अउर हमसे झगड़त रही मेहनत करत करत रातिन रात पलकउ न झपकाइके, भूखा रहिके,
[6] अपने पवित्तर जीवन, गियान अउर धीरज से आपन दया स, अपने पवित्तर आतिमा स, अपने सच्चे पिरेम स
[7] अपने सच्चे सँदेस अउर परमेस्सर क सक्ती स नेकी क अपने दायें बाँए हाथन मँ ढाल क रूप मँ लइकेI
[8] हम आदर अउर निरादर क बीच अपमान अउ सम्मान मँ अपने क उपस्थित करत रहित ह। हमका ठग समझा जात ह, हम सच्चा अही
[9] हमका गुमनाम समझा जातह, जब कि हम सच्चा अही हमका मरा हुआ जानत हीं, तबउ देखा हम जिन्दा अहीं। हमका दण्ड भोगईवाला जाना जात ह, तबउ देखउ हम मऊत क नाहीं सौंपा जाइत ह।
[10] हमका सोक से बियाकुल समझा जात ह, जबकि हम तउ हमेसा खुस रहित ह। हम दीन हीन क नाई जाना जाइत ह, जब कि हम बहुत जने क धनी बनावत अही। लोग समझत हीं कि हमरे लगे कछू नाहीं ना, जब कि हमरे लगे तउ सब कछू बा।
[11] हे कुरिन्थियन! हम तोहसे पूरी तरह खुली क बात किहे अही। तोहरे बरे हमार मन फैला बा।
[12] हमरा पिरेम तोहरे बरे कम नाहीं भवा बा। मुला तु हमसे पिरेम करई क बन्द कइ दिहे अहा।
[13] तोहका आपन बच्चा समझत भए मइँ कहत हउँ कि अच्छा प्रतिदान क रूप मँ आपन मन तोहार हमरे बरे पूरी तरह फैला रहइ चाही।
[14] अबिसवासियन क साथे बेमेल संगत जिनकरा काहेकि नेकी अउर बदी क भला कइसेन बराबरी? इ प्रकास अउर अँधारे मँ भाईचारा क कइसेन तालमेल?
[15] अइसे मसीह का बलियाल (सइतान) स का तालमेल अउर अविसवासी क साथे बिसवासी क कइसेन साझा?
[16] परमेस्सर क मंदिर क मूर्तियन स का नाता? काहेकि हम खुदइ उ सजीव परमेस्सर क मंदिर अही, जइसेन की परमेस्सर कहे रहा: “मइँ ओहमे अधिवास करब, चलबई फिरब होब ओनकर परमेस्सर अउर बनिहीं उ मोर लोग।”
[17] “इहीं बरे तू ओहमें स आइ जा बाहेर, अलग करा ओनसे अपने क अब न कबहुँ छुआ तू कछूउ जउन असुद्ध अहइ तब मइँ तोहका अपनउबई।”
[18] “अउ तोहार पिता बनब तू होब्या मोरे बेटवा, मोर बिटिया सर्वसक्तिमान पर्भू इ कहत हीं।”