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[1] पवित्तर आतिमा तउ स्पस्ट रूपे स कहत बाटइ कि आगे चलिके कछू लोग सच्चे बिसवास (उपदेस) पइ बिसवास न करिहीं अउर भटकावइवालन झूठन नबियन अउर दुस्ट आतिमन कि सिच्छा पर धियान देइ लगिहीं जउन झूठ बोलिहीं अउर धोखा देत रइहीं।

[2] ओन झूठन पाखण्डी लोगन क कारण अइसे मनइयन होइहीं जे सच अउर झूठ क विवेक न कइ सकिहीं अउर इ जेनकइ मन माना तपत लोहे स दाग दीन्ह गवा होइ।

[3] उ पचे बियाह क निसेध करिहीं। कछू चीज खाई क मना करिहीं जेका परमेस्सर क बिसवासियन अउर जउन सच क पहिचानत हीं, ओनके बरे धन्यबाद दइके ग्रहण कइ लेइके बनावा गवा बा।

[4] काहेकि परमेस्सर क रची सब चीज अच्छी बा अउर कउनउ चीज तियागइ जोग्ग नाहीं बा बसर्ते ओका धन्यबाद क साथे ग्रहण कीन्ह जाइ।

[5] काहेकि उ परमेस्सर क बचन अउर पराथना स पवित्तर होइ जात ह।

[6] अगर तू भाइयन क इन बातन धियान दियावत रहब्या तउ मसीह ईसू क अइसेन अच्छा सेवक ठहरब्या जेकर पालन-पोसण, बिसवासे क द्वारा अउर ओन्हीं सिच्छा क द्वारा होत ह जेका तू ग्रहण किहे अहा।

[7] मनइयन क स्रद्धा विहीन कल्पित सबइ कथा स दूर रहा अउर परमेस्सर क सेवा क बरे अपने क साधना मँ लगाए रखा।

[8] काहेकि सारीरिक साधना स तउ केवल तनिक ही लाभ होत ह जबकि परमेस्सर क सेवा सब कइँती स मूल्यवान बा काहेकि एहमाँ आज क समइ अउर आवइवाला जीवन क बरे दीन्ह गवा आसीर्वाद समावा बाटइ।

[9] एइ कहावत पूर रूप स सच अहइ। अउर इ पूरी तरह ग्रहण करइ जोग्ग अहइ।

[10] अउर हम सबहिं इही बरे कठिन मेहनत करत जूझत रहित ह। हम आपन आसा सबके विसेस कर बिसवासियन क, उद्धारकर्ता सजीव परमेस्सर पइ टिकाइ दीन्ह ह।

[11] एनही बातन क हुकुम अउर उपदेस द्या।

[12] तू अबहिं जवान अहा। इही स कउनउ तोहे निम्न न समझइ। बल्कि तू आपन बातचीत, चाल चलन, पिरेम-प्रकास, अपने बिसवास अउर पवित्तर जीवन स बिसवाससियन क बरे एक उदाहरण बनि जा।

[13] जब तक मइँ आई तू पवित्तर सास्तरन क सार्वजनिक पाठ करा, उपदेस अउर सिच्छा देई मँ अपने आप क लगाए रखा।

[14] तोहका जउन बरदान मिला बा, तू ओकर उपयोग कइके इ तोहे नबियन क भविस्सबाणी क परिणाम सरूप बुजुर्गन क द्वारा तोहपइ हाथ रखि दीन्ह गवा बा।

[15] इन बातन क कारण पइ पूरा धियान लगाए रखा। एन्ही मँ स्थित रहा ताकि तोहार प्रगति सब लोगन क सामने परगट होइ।

[16] अपने जीवन अउर उपदेस क विसेस धियान रखा। ओनही पर टिका रहा काहेकि ओन पइ चलइ अउर सही रूप स पालन करइ मँ विसेस बल दा। अइसेन आचरण करत रहे स तू खुद अपने आपइ क अउर अपने सुनइवालन क उद्धार करब्या।

तीमुथियुस क पहिली पत्र — Chapters